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एपीजे अब्दुल कलाम जीवन परिचय

President APJ Abdul Kalam Jeevan Parichay Facts In Hindi एपीजे अब्दुल क़लाम भूतपूर्व राष्ट्रपति की तबियत ख़राब होने के कारण उन्हें शिलांग के हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया जिसके बाद उन्होंने अपनी अंतिम साँसे ली और दुनिया को अलविदा कह दिया |इस दुखद खबर के बाद सात दिन के राजकीय शौक का ऐलान किया गया |



IIM शिलॉंग में एक फंक्शन अब्दुल कलाम साहब की तबियत ख़राब हो गई थी और वे गिर पड़े| जिसके बाद उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया और उनकी स्थिती नाजुक होने के कारण उन्हें आई सी यू में एडमिट किया गया |
मिसाइल मेन कहे जाने वाले अब्दुल कलाम साहब ने देश की हर उम्र सेवा की अपने ज्ञान के माध्यम से उन्होंने देश को कई मिसाइल दी और देश को शक्तिशाली बनाया |उन्होंने भारत को सुरक्षित बनाने की दृष्टि से पृथ्वी, अग्नि जैसी मिसाइल उन्होंने दी | ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में विख्यात रहे कलाम साहब देश को शक्तिशाली एवम आत्म निर्भर बनाना चाहते थे |इन्होने तत्व विज्ञान में देश को स्वावलंबी बनाया |
1998 में दुसरे परमाणु परिक्षण में इनका बहुत अधिक योगदान रहा हैं | यह भारत के एक सफल राष्ट्रपति के रूप में विख्यात रहे | यह देश के ग्यारहवें राष्ट्रपति थे | राष्ट्रपति के रूप में इनका कार्यकाल  2002 से 2007 था |यह पहले गैर राजनैतिक राष्ट्रपति थे | अटल बिहारी वाजपेयी के साथ कार्यकाल में इन्होने देश के लिए बहुत योगदान दिया | यह अपने सरल एवम साधारण व्यव्हार के लिए प्रसिद्ध रहे | मुस्लिम होने के कारण इन्हें दुसरे मुल्क ने अपने मुल्क में बुलाया लेकिन देश के प्रति प्रेम के कारण उन्होंने कभी देश को नहीं त्यागा |
अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वर में हुआ था और आज 84 वर्ष की आयु में उन्होंने दुनियाँ को अलविदा कह दिया |
2002 अब्दुल कलाम साहब को पद्म भूषण एवम भारत रत्न देश के सर्वोच्च पदक से नवाजा गया था | इन्हें देश के एक सफल राष्ट्रपति के तौर पर देखा गया था इन्होने देश के युवा को समय- समय पर मार्गदर्शन दिया | उन्होंने अपने उद्घोष एवम अपनी किताबों के जरिये युवा को मार्गदर्शन दिया |

President APJ Abdul Kalam Jeevan Parichay Facts In Hindi

ए पी जे अब्दुल कलाम जीवन परिचय 

अब्दुल कलाम (APJ Abdul Kalam)भारत के ग्यारहवें और पहले गैर-राजनीतिज्ञ राष्ट्रपति रहे जिनको ये पद तकनीकी एवं विज्ञान में विशेष योगदान की वजह से मिला था| कलाम जी का जन्म 15 अक्टूबर, 1931 को धनुषकोडी गांव, रामेश्वरम, तमिलनाडु में मछुआरे परिवार में हुआ था| इनका पूरा नाम डॉक्टर अवुल पाकिर जैनुल्लाब्दीन अब्दुल कलाम है| इनके पिता का नाम जैनुलाब्दीन था| वे एक मध्यम वर्गीय परिवार के थे| इनके पिता अपनी नाव मछुआरों को देकर घर चलते थे| बालक कलाम को भी अपनी शिक्षा के लिए बहुत संघर्ष करना पढ़ा था| वे घर घर अख़बार बाटते और उन पैसों से अपने school की fees भरते थे| Abdul Kalam जी ने अपने पिता से अनुशासन, ईमानदारी एवं उदार स्वभाव में रहना सिखा था| इनकी माता जी ईश्वर में असीम श्रद्धा रखने वाली थी|
Abdul Kalam जी की आरंभिक शिक्षा Rameshwaram Elementary School से हुई थी| 1950 में Kalam जी ने B.Sc की परीक्षा st. Joseph’s college से पूरी की| इसके बाद 1954-57 में Madras institute of technology (MIT) से aeronotical engineering में diploma किया| इसके बाद 1958 में Kalam जी D.T.D. and P. में तकनिकी केंद्र में वरिष्ट वैज्ञानिक के रूप कार्य करने लगे| यहाँ रहते हुए ही इन्होंने prototype hover craft के लिए तैयार वैज्ञानिक team का नेतृत्व किया| career की शुरुवात में ही Abdul Kalam जी ने एक small helicopter design किया Indian army के लिए| 1962 में Abdul Kalam जी रक्षा अनुसन्धान को छोड़ भारत के अन्तरिक्ष अनुसन्धान में कार्य करने लगे| 1962 से 82 के बीच वे इस अनुसन्धान से जुड़े कई पदों पर कार्यरत रहे| 1969 A.P.J. Abdul Kalamजी ISRO में भारत के पहले SLV-3 (Rohini) के समय project head बने|
APJ Abdul Kalam के नेतृत्व में 1980 में Rohini को सफलतापूर्वक पृथ्वी के निकट स्थापित कर दिया गया| इनके इस महत्वपूर्ण योगदान के लिए 1981 में भारत सरकार द्वारा इनको पदम् भूषण से सम्मानित किया गया| A.P.J. Abdul Kalam जी हमेशा अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता को देते थे| उनका कहना था उनकी माता ने ही उन्हें अच्छे-बुरे को समझने की शिक्षा दी। वे कहते थे “पढाई के प्रति मेरे रुझान को देखते हुए मेरी माँ ने मेरे लिये छोटा सा लैम्प खरीदा था, जिससे मैं रात को 11 बजे तक पढ सकता था। माँ ने अगर साथ न दिया होता तो मैं यहां तक न पहुचता।”
1982 में वे फिर से रक्षा अनुसन्धान एवं विकास संगठन के director बन गए| इनके नेतृत्व में Integrated guided missile development program को सफलतापूर्वक शुरू किया गया| Kalam जी ने बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी Agni, Prathivi, Aakash के प्रक्षेपण में| सन 1992 में APJ Abdul Kalam जी रक्षा मंत्री के विज्ञान सलाहकार तथा सुरक्षा शोध और विकास विभाग के सचिव बन गए| वे इस पद में 1999 तक कार्यरत रहे| भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिकों की list में इनका नाम शामिल है| सन 1997 में APJ Abdul Kalam जी को विज्ञान एवं भारतीय रक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए भारत के सबसे बड़े सम्मान “भारत रत्न” से सम्मानित किया गया| इसके बाद 1998 में इन्हें Indira Gandhi Award से भी नवाजा गया|
सन 2002 में कलाम जी को भारतीय जनता पार्टी समर्थित एन॰डी॰ए॰ घटक दलों ने राष्ट्रपति के चुनाव के समय अपना उम्मीदवार बनाया था जिसका सबने समर्थन किया और 18 जुलाई 2002 को APJ Abdul Kalam जी ने राष्ट्रपति पद की शपत ली| Kalam जी कभी भी राजनिति से नहीं जुड़े रहे फिर भी वे भारत के सर्वोच्य राष्ट्रपति पद पे विराजमान रहे| जीवन में सुख सुविधा की कमी के बावजूद वे किस तरह राष्ट्रपति के पद तक पहुँचे ये बात हम सभी के लिये प्रेरणास्पद है| आज के बहुत से युवा APJ Abdul Kalam जी को अपना आदर्श मानती है| छोटे से गाँव में जन्म ले कर इनती ऊचाई तक पहुचना कोई आसन बात नहीं| कैसे अपनी लगन, कङी मेहनत और कार्यप्रणाली के बल पर असफलताओं को झेलते हुए वे आगे बढते गये इस बात से हमे जरुर कुछ सीखना चाहिए|
A.P.J. Abdul Kalam को बच्चों से बहुत अधिक स्नेह है| वे हमेशा अपने देश के युवाओं को अच्छी सीख देते रहे है, उनका कहना है युवा चाहे तो पूरा देश बदल सकता है| देश के सभी लोग उन्हें ‘मिसाइल मैन’ के नाम ने संबोधित करते है| Dr. Kalam को भारतीय प्रक्षेपास्त्र में पितामह के रूप जाना जाता है| Kalam जी भारत के पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं जो अविवाहित होने के साथ-साथ वैज्ञानिक पृष्ठभूमि से राजनीति में आए है| राष्ट्रपति बनते ही A.P.J. Abdul Kalam ने देश के एक नए युग की शुरुवात की जो कि आज तक आयाम है|
Indian President APJ Abdul Kalam Facts In Hindi यह ब्लॉग हिंदी पाठको की सुविधा के लिए लिखा गया हैं | अगर लिखी गई जानकारी के अलावा आप कुछPresident APJ Abdul Kalam Jeevan Parichay Facts In Hindi के बारे में कुछ कहना चाहते हैं तो हमे कमेंट बॉक्स में लिखे |

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