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सर्च इंजिन ऑप्टिमाइजेशन टिप्स

SEO Tips In Hindi सर्च इंजिन ऑप्टिमाइजेशन टिप्स लिखी गई हैं इन्हें मैंने अपने अनुभव से सिखा हैं और मेरे जैसे अन्य ब्लॉगर की हेल्प के लिए मैंने SEO Tips In Hindi को हिंदी में लिखा हैं |साथ ही मैंने अपने शुरुवात से लेकर अब तक के एक्सपीरियंस आपके साथ बाँटे हैं ताकि जो गलतियाँ मैंने की वो आप ना दौहरायें |
मुझे लिखने का शौक हैं जिसके कारण मैंने सोचा उसे ही अपना जॉब बनाया जाये और मेरी मुलाकात कुछ लोगो से हुई जिन्हें हिंदी साईट स्टार्ट करनी थी और उन्होंने मुझे मौका दिया और हमने हमारी साईट दीपावली हिंदी ब्लॉगिंग शुरू की लेकिन जिस उत्साह के साथ हमने यह साईट स्टार्ट की हमें उतनी सफलता नहीं मिली |

एक लेखिका के तौर पर मुझे समझ नहीं आता था कि ऐसा क्यूँ हो रहा हैं जबकि मैंने अपने काम में पूरी ताकत लगा रखी थी लेकिन दिन में गिने चुने क्लिक्स होते थे मेरे बॉस मुझे हमेशा सब्र रखने को कहते थे और विश्वास दिलाते थे एक दिन साईट चलेगी लेकिन कहीं न कहीं उन्हें भी लगता था कि साईट इतनी स्लो क्यूँ हैं |
हमने दीपावली वर्ष 2013 दिसम्बर में शुरू की थी तब हमें पता चला था गूगल एडसेन्स हिंदी साईट को सपोर्ट नहीं करते | वहीँ हमें कुछ निराशा हाथ लगी लेकिन हमने काम ज़ारि रखा पर साईट में कुछ खास सकारात्मक बदलाव नहीं मिले | इसके बाद दिसम्बर 2014 में गूगल ने अपने एड वर्ल्ड में हिंदी को जगह दे दी और वहाँ से हमें नया उत्साह मिला | उसके बाद हमने कारणों को ढूंढा कि क्यूँ हमारी साईट इतनी स्लो हैं और हमें SEO Tips के बारे में पता चला जिसे धीरे- धीरे हमने अपनी साईट में डालना शुरू किया और उसके अच्छे बुरे प्रभाव को समझा | जिसके बाद साईट बढ़ने लगी और आज भी हम SEO Tips को समझने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं SEO Tips का इस्तेमाल करने के बाद अब दीपावली पर डेली 3 हजार से 4 हजार क्लिक्स होते हैं जो अभी भी कम हैं अतः SEO Tips की दिशा में हम निरंतर प्रयासरत हैं |आज मैंने अपने इस ब्लॉग में SEO Tips In Hindi लिखा ताकि मुझे जो परेशानी हुई वो किसी और को ना होने |

सर्च इंजिन ऑप्टिमाइजेशन टिप्स  

ब्लॉगिंग के जरिये घर बैठे पैसा कमाया जा सकता हैं जिसके लिए आपमें लिखने का टैलेंट होना चाहिये और उसके साथ सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन SEO का ज्ञान जिससे आपके द्वारा लिखे गये ब्लॉग गूगल द्वारा पसंद किये जाए और पाठको को पढ़ने के लिए सर्चिंग के दौरान आसानी से मिले | इसके लिए पहले आपको SEO के बारे में जानना होगा और आर्टिकल लिखते वक़्त कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओं को नियम की तरह अपने आर्टिकल में शामिल करना होगा | अगर आप ऐसा करते हैं तो आपकी साईट पर ट्रैफिक बढ़ेगा और अधिक से अधिक व्यूवर्स आपकी साईट पर आयेंगे जिससे आपकी साईट की रैंकिंग अच्छी होगी |

क्या हैं सर्च इंजिन ऑप्टिमाइजेशन What is Search Engine Optimization In Hindi 

SEO एक वेब माइनिंग टूल हैं जिसके द्वारा सर्च इंजिन पर यूज़र्स द्वारा की जाने वाली क्वेरी अर्थात जो भी यूजर सर्च करना चाहता हैं, उसका सबसे उपयुक्त रिजल्ट उसे देता हैं | SEO टूल कीवर्ड के हिसाब से रिजल्ट की एक लिस्ट देता हैं इस रिजल्ट में बहुत सी साइट्स SEO द्वारा सजेस्ट की जाती हैं जिनमे यूजर की क्वेरी का आंसर होता हैं और यूजर अपनी पसंद अनुसार उन साइट्स पर विजिट कर सकता हैं |
SEO इसके लिए वेब पेजेस को crawl करता हैं जिसके बाद बेस्ट रिजल्ट चुनता हैं जिसे पेज की इंडेक्सिंग करना कहते हैं और इस सबके लिए SEO रोबोट/बोट एवम स्पाइडर का उपयोग करता हैं |
  • एक crawl प्रत्येक साइट्स, प्रत्येक पेज पर विज़िट करता हैं और साइट्स का चुनाव वह हाइपरटैक्स लिंक के जरिये करता है और फिर पेजेज़ की इंडेक्सिंग करता हैं |
  • इस प्रकार इंडेक्स पेजज़ को एक जगह स्टोर करके रखा जाता हैं |
  • इंडेक्सिंग के बाद यूजर की क्वेरी के हिसाब से रिजल्ट दिया जाता हैं इसमें क्वेरी के कीवर्ड को इंडेक्स पेजेज़ के साथ मिलान करके सबसे उपयुक्त रिजल्ट दिया जाता हैं |

कैसे काम करता हैं सर्च इंजन Overview Of Search Engine Optimization In Hindi :

वैसे सभी सर्च इंजन की अपनी एक अल्गोरिथम होती हैं जिसके हिसाब से वे ऑप्टिमाइजेशन करते हैं एक बेसिक आईडिया नीचे दिया जा रहा हैं |
SEO तीन चरणों में काम करता हैं |
क्रमांकस्टेप्सवर्किंग
1Crawling क्राव्लिंगक्राव्लिंग यह सबसे पहली स्टेप्स हैं जो वेब पेज की इंडेक्सिंग के लिए की जाती हैं | इसमें web spider हाइपरटेक्स्ट पेजेज़ पर विजिट करता हैं और पेजज़ की इंडेक्सिंग करता हैं |
2Indexing इंडेक्सिंगक्राव्लिंग के दौरान जो भी वेब पेजेज इंडेक्स किये जाते हैं उनके डेटा को कलेक्ट करना, पार्स करना और स्टोर करना इंडेक्सिंग के अंतर्गत आता हैं जिससे समान डेटा एक साथ रखा जाता हैं जिसे इंडेक्सिंग कहते हैं|सर्च इंजिन में जो रिजल्ट प्राप्त होता हैं वह वेब पेजेज इन्ही इंडेक्स पेजज़ से चुने जाते हैं
3Matching मैचिंगइंडेक्सिंग के बाद मैचिंग की प्रक्रिया शुरू होती हैं |जब यूजर सर्च इंजिन में क्वेरी डालता हैं तब मैचिंग की प्रकिया शुरू होती हैं जिसमे SEO टूल इंडेक्स पेजेज के पास जाकर क्वेरी के कीवर्ड के हिसाब से डेटा मैच करके वेब पेजज़ की एक लिस्ट देता हैं जिसका चुनाव वह वेब पेजज़ में लिखे मेटा डिस्क्रिप्शन से करता हैं |इस पूरी प्रक्रिया को मैचिंग कहते हैं |
यह SEO का एक स्माल इंट्रोडक्शन था जिसमे आप समझ सकते हैं इ एक SEO किस तरह से यूजर की क्वेरी के साथ डील करता हैं लेकिन यह पूरी प्रक्रिया रोबोटिक होती हैं जिसके लिए कुछ अल्गोरिथम यूज की जाती हैं और कोई भी सर्च इंजिन अपनी अल्गोरिथम बदलता रहता हैं |
अभी तक हमने यह बताया की एक यूजर की क्वेरी पर सर्च इंजिन किस तरह डील करता हैं लेकिन अगर आप एक ब्लॉगर हैं और अपनी साईट को टॉप तेम में देखना चाहते हैं तब आपको कुछ स्ट्रेटेजी फॉलो करनी होगी |

How to get a website on top of a Search Engine SEO Tips In Hindi

सर्च इंजिन में वेबसाइट आसानी और शीघ्रता से टॉप टेन में नहीं आती इसके लिए वक्त लगता हैं साईट लगभग 6 महीने पुरानी होनी चाहिये और उसकी  क्राव्लिंग, इंडेक्सिंग और मैचिंग की प्रक्रिया सही तरह से होने चाहिये जिसके लिए आपको निम्न रूल्स को फॉलो करें |

SEO Tips In Hindi

साईट की स्पीड :
साईट की स्पीड जितनी अच्छी होती हैं वह उतनी तेजी से वर्क करती हैं इसके लिए फ्रेम वर्क बेस्ट हैं उसका इस्तेमाल करे |सबसे पहले लोग ब्लॉग पोस्ट यूज करते थे लेकिन उसके बाद वर्डप्रेस पर आये जिसके अच्छे रिजल्ट सामने आये और अब एक लेटेस्ट फ्रेमवर्क जेनेसिस वर्ड प्रेस Genesis wordpress आया हैं जिसकी स्पीड और भी जयादा अच्छी हैं और रिजल्ट भी कई गुना बेहतर हैं अतः आप भी Genesis wordpress का इस्तेमाल करें |जिसे प्राप्त करने के लिए आप इस लिंक पर क्लिकhttp://www.shareasale.com/r.cfm?b=346198&u=1120826&m=28169&urllink=&afftrack= करें |
लिखने का एरिया चुने :
लिखने के लिए एक अच्छा एरिया चूने जिसमे आपकी रूचि भी हो और वह व्यूर्स द्वारा पढ़ा भी जाता हो यह आप धीरे- धीरे सीख जायेंगे | कोशिश करे ऐसा टॉपिक चुने जिससे आप किसी कि मदद कर पायें क्यूंकि इस तरह के टॉपिक बहुत सर्च किये जाते हैं |
जैसे आपने एरिया चुना फिटनेस से जुड़ी खबरे |
URL बनाये :
URL सबसे महत्वपूर्ण होता हैं इससे ही आपके पेज कि क्र्वालिंग होती हैं अतः इसका चुनाव सावधानी से करें और अपने कीवर्ड को URL में जरुर डाले |
कीवर्ड :
अब चुने गये एरिया में से एक छोटा शब्द निकाले जैसे फिटनेस से जुड़ी खबरों में आज के समय में वजन कम करना अधिक सर्च किया जाता हैं अतः आपका कीवर्ड होगावजन कम करना | इस तरह आपने आपका कीवर्ड चुना |
कीवर्ड का इस्तेमाल :
अपने डेटा में कीवर्ड का इस्तेमाल कई बार करे लेकिन बहुत ज्यादा भी नहीं |कीवर्ड के कारण ही सर्च इंजन को समझ आता हैं कि यह पेज किस टॉपिक पर हैं क्यूंकि मैंने पहले ही बताया सर्च इंजिन ऑप्टिमाइजेशन एक रोबोटिक प्रक्रिया हैं उसमे ह्यूमन सेन्स नहीं होता हैं इसलिए कीवर्ड और URL काफी सोच कर बनाये जाते हैं |
डेटा में कीवर्ड की महत्वपूर्ण जगह
  • URL कीवर्ड में हो |
  • कीवर्ड टाइटल एवम सब टाइटल में हो |
  • कीवर्ड इमेज के नाम में हो |
  • कीवर्ड मेटा डिस्क्रिप्शन में हो |
ब्लॉग की लम्बाई :
ब्लॉग लिखने में कंजूसी ना करें | जितना विस्तार से लिखेंगे उतना अच्छा होगा | ब्लॉग में निम्न बातो का ध्यान रखे |
  • ब्लॉग में सब टाइटल बनाये |
  • पॉइंट्स में अपनी बात कहे |
  • आसानी से बाते समझाने के लिए अच्छी भाषा, सरल भाषा का इस्तेमाल करें |
हैडिंग बनाये :
डेटा के अन्दर सब हैडिंग बनाये जिससे आप अपनी बात विस्तार से कहेंगे और यह पाठको के लिए पढ़ने में भी आसान होगा | सब हैडिंग को अलग अलग कलर में लिखे |
हेडिंग एवम महत्वपूर्ण शब्दों को बोल्ड एवम इटेलिक करे |सब हैडिंग में भी कीवर्ड डालने की कोशिश करें |
रिलेटेड पेजेज़ का लिंक डाले / रिलेटेड लिंक डाले :
अपने पेज पर अपनी ही साईट का लिंक डाले इससे साईट इंटरनल तौर पर जुड़ती हैं जिससे क्राव्लिंग में मदद मिलती हैं | और सर्च इंजिन को पेज की इंडेक्सिंग में आसानी होती हैं |
इस प्रक्रिया को ग्रुपिंग करना कहते हैं |
एक्सटर्नल लिंक बनाये :
अपने साईट पर पॉपुलर साईट की लिंक डाले लेकिन रिलेटेड कंटेंट में रिलेटेड लिंक डालने से ही फायदा मिलेगा |
बेक लिनक्स बनाये :
अपनी साईट के URL को दूसरी अच्छी साईट पर डाले इसके लिए आप उनसे रिक्वेस्ट कर सकते हैं या उनके कमेंट बॉक्स में कमेंट करके अपने पेज का URL डाल सकते हैं इसे बेक लिनक्स कहते हैं |
कमेंट बढ़ाये :
आपके पोस्ट में जितने ज्यादा कमेंट होंगे आपको उतनी ही सफलता मेलेगी अतः इस तरह के पोस्ट लिखे कि पाठक कमेंट करने पर मजबूर हो जायें |
सोशल वेबसाइट से जुड़े :
फेसबुक, ट्विटर, एवम गूगल प्लस आदि जैसी सोशल वेबसाइट पर अपनी साईट का पेज बनाये | साईट के प्रमोशन का यह सबसे सीधा, आसान और सस्ता काम आने वाला तरीका हैं क्यूंकि सोशल वेबसाइट से ही रेगुलर रीडर्स मिलने के ज्यादा चांसेस होते हैं |
रेगुलारिटी बनाये रखे :
साईट पर महीने में कितने बोलग पोस्ट होंगे उसकी एक स्ट्रेटेजी बनाये और उसी के हिसाब से काम करे क्यूंकि इससे साईट की रैंकिंग पर असर आता हैं भले एक दिन में एक अथवा दो से तीन दिन में एक आर्टिकल डाले लेकिन जो भी तय करे उस पर अमल जरुर करे |
डेटा अपडेट करे :
समय समय पर पुराने लिखे ब्लॉग को अपडेट करे और उसमे नया डेटा डाले |
मेटा डिस्क्रिप्शन :
अपने ब्लॉग का मेटा डिस्क्रिप्शन लिखे जिसमे अपने ब्लॉग का सारांश लगभग 150 वर्ड्स में लिखे |इससे SEO को मैचिंग करने में आसानी होती हैं |
मेटा कीवर्ड :
अपने ब्लॉग के महत्वपूर्ण कीवर्ड और उसके समानार्थी शब्दों को मेटा कीवर्ड में डाले |
SEO Tips In Hindi में मैंने वे सभी पॉइंट्स डाले हैं जिनका उपयोग में अपने ब्लॉग में करती हूँ और जिसके बाद मैंने बेहतर रिजल्ट देखे हैं |घर बैठे पैसा कमाने का यह एक सबसे अच्छा तरीका हैं लेकिन इसके लिए भाषा पर पकड होना जरुरी हैं |
हिंदी में अभी प्रतिस्पर्धा कम हैं अतः इसमें गूगल की टॉप टेन लिस्ट में आना ज्यादा कठिन नहीं हैं लेकिन उसके लिए SEO Tips का ध्यान से इस्तेमाल करना आवश्यक हैं | केवल ब्लॉग लिखने से ही काम पूरा नहीं हो जाता उसके लिए उपर लिखे SEO Tips का सहारा लेना आवश्यक हैं साथ ही ऐसे ब्लॉग लिखना हमेशा हितकारी होता हैं जो दुसरो की हेल्प करें | साथ ही हमेशा अपने आपको अपडेट रखे क्यूंकि कोई भी सर्च इंजन अपनी अल्गोरिथम बदलता रहता हैं |
अभी तक गूगल ने जो सर्वाधिक इस्तेमाल होने वाला सर्च इंजिन हैं उसने हिंदी के लिए कोई खास अल्गोरिथम के बारे में नहीं बताया हैं अतः अभी वे सभी SEO Tips का इस्तेमाल किया जा रहा हैं जो कि अन्य इंग्लिश साइट्स द्वारा किया जाता हैं इसके भी काफी बेहतर रिजल्ट मिले हैं लेकिन जैसे जैसे हिंदी में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी सर्च इंजिन हिंदी के लिए भी नई अल्गोरिथम पर काम करेंगे |इसलिए हमें हमेशा अलर्ट एवम अपडेट रहने की जरुरत होगी |
SEO Tips In Hindi यह ब्लॉग मैने अपने अनुभव के अनुसार लिखा हैं अगर इसमें कुछ भी कमी हैं तो मेरी हेल्प करे मैं अपनी साईट को SEO के हिसाब से पूरी तरह खरा बनाना चाहती हूँ |
SEO Tips In Hindi यह ब्लॉग अगर आपकी हेल्प करता हैं और आपको भी इसके कारण आपकी साईट में पॉजिटिव बदलाव मिलते हैं तो कमेंट बॉक्स में लिखे |

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