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राष्ट्रीय युवा दिवस महत्त्व व इतिहास | National Youth Day importance, history, quotes in hindi

राष्ट्रीय युवा दिवस महत्त्व, इतिहास अनमोल वचन (| National Youth day importance, theme, history, quotes in hindi
भारत देश की अधिकतर आबादी युवाओं की है और किसी भी देश का भविष्य उसके युवाओं पर ही निर्भर करता है. नई प्रतिभा के आने से देश को ना सिर्फ तरक्की मिलती है, बल्कि देश का विकास भी सही तरह से होता है. वहीं देश के युवाओं के सही मार्ग दर्शन के लिए हर साल भारत में युवा दिवस मनाया जाता है. आखिर कौन थे स्वामी विवेकानंद और क्यों मनाया जाता है युवा दिवस, इन सब सवालों के जवाब आज हमारे इस लेख में दिए गए है.
राष्ट्रीय युवा दिवस का महत्व (Importance Of National Youth Day In India in hindi)
भारत सरकार द्वारा देश में युवा दिवस मनाने की शुरुआत साल 1985 से की गई थी. युवा दिवस मनाने के लिए सरकार द्वारा स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस को चुना गया था और तब से अब तक हर साल इस दिन युवा दिवस पूरे देश में मनाया जाता है. स्वामी विवेकानंद अपने विचारों और अपने आदर्शों के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं. उन्होंने काफी कम उम्र के अंदर ही दुनिया में अपने विचारों के चलते अपनी एक अलग ही पहचान बनाई थी. उनके विचारों से युवाओं को सही दिशा मिल सके, इस मकसद से ही उनके जन्म दिवस को इस दिन के लिए चुना गया था.



राष्ट्रीय युवा दिवस कब मनाया जाता है? (National Youth Day 2018 Date )
हर साल भारत में 12 जनवरी के दिन को युवाओं के लिए समर्पित किया गया है और इस दिन ही स्वामी विवेकानंद का जन्म भी हुआ था. इस साल 2018 में भी इस दिन को पूरे भारत में युवा दिवस के साथ-साथ विवेकानंद जी की 154 वीं जन्म जयंती के रूप में मनाया जायेगा.
कौन थे स्वामी विवेकानंद (Who Is Swami Vivekananda)
स्वामी विवेकानंद का जन्म सन् 1863 में हुआ था और उनका असली नाम नरेंद्रनाथ दत्त हुआ करता था. कोलकाता शहर के एक धनी परिवार में जन्मे विवेकानंद के गुरु का नाम श्री रामकृष्ण था. अपने गुरू से ही विवेकानंद ने आध्यात्मिक शिक्षा हासिल की थी और दुनियाभर में हिन्दुत्व के और अपने गुरू के विचारों को फैलाया था. साल 1893 में उनके द्वारा अमेरिका में आयोजित हुए विश्व संसद में दिए गए भाषण को आज भी लोगों ने याद रखा हुआ है. अपने भाषण में उन्होंने भारत, हिंदू धर्म और उनके गुरु श्री रामकृष्ण के विचारों को दुनिया के सामने रखा था. विवेकानंद जी ने अपने जीवनकाल में दुनिया के कई देशों का दौरा किया था और दुनिया भर में योग और वेदान्त को प्रचलित किया था.
इतना ही नहीं उन्होंने पश्चिम संस्कृति और भारतीय संस्कृति के बीच जो दूरी थी उसको भी कम करने में काफी योगदान दिया है. विवेकानंद जी ने अपने जीवन को समाज कार्य के लिए समर्पित कर दिया था और वो एक साधु का जीवन जीते थे. साल 1902 को उन्होंने अपनी अतिंम सांस ली थी. कहा जाता है कि उनके द्वारा समाधि ली गई थी. वहीं उनके द्वारा स्थापित किए गए रामकृष्ण मिशन को आज दुनिया भर में जाना जाता है और इस भारतीय सामाजिक-धार्मिक संगठन के जरिए कर्म योग के सिद्धांतों, धार्मिक अध्ययन और आध्यात्मिकता जैसी चीजों का ज्ञान लोगों के बांट जाता है. इस संगठन की स्थापान सन् 1897 में भारत के कोलकाता शहर में उनके द्वारा की गई थी.
कैसे मनाया जाता है युवा दिवस (How to celebrate youth day in India)
इस दिन को लेकर स्कूलों और कॉलेजों में खास इंतजाम किए जाते हैं और बच्चों को स्वामी विवेकनंद के जीवन के बारे में बताया जाता है. इसके अलावा हर वर्ष रामकृष्ण मिशन के केन्द्रों पर भी उनके जन्म दिवस को याद करते हुए कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. वहीं भारत के युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा भी इस अवसर पर युवाओं के लिए कई तरह के आयोजन किए जाते हैं.
स्वामी विवेकानंद के विचार (Swami Vivekananda quotes)
·         स्वामी विवेकानंद का मानना था कि आप तब तक भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते, जब तक आप अपने आप पर विश्वास करना नहीं सीखेंगे. यानी जिस दिन आपको खुद पर विश्वास हो जाएगा तब आप खुद ही भगवान पर भी विश्वास करना शुरू कर देंगे.
·         विवेकानंद जी के अनुसार व्यक्ति को तब तक मेहनत करती रहनी चाहिए जब तक जो अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच जाता. अगर कोई भी व्यक्ति अपने लक्ष्य को पाने के लिए कड़ी लगन और मेहनत करेगा, तो वो जरूरी कामयाब होगा.
·         उनके अनुसार, व्यक्ति को केवल उसकी आत्मा ही सीखा सकती है. आत्मा के अलावा आपको कोई भी कुछ नहीं सीखा सकता है और ना ही आपको आध्यात्मिक बना सकता है.
·         विवेकानंद जी के मुताबिक अगर भगवान को आप अपने अंदर और दुनिया की जीवित चीजों में नहीं देख पाते, तो आप भगवान को कहीं भी नहीं देख सकते हैं.
·         विवेकांनद जी के विचार थे की आपका संघर्ष जितना बड़ा होगा, आपको जीत भी उतनी बड़ी मिलेगी. यानी किसी भी चीज को पाने के लिए हर किसी को संघर्ष करना पड़ता है और जितना बड़ा आपका लक्ष्य होगा उतना बड़ा आपका संघर्ष .
निष्कर्ष
विवेकांनद जी के विचार और कार्य युवा के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत की तरह काम करते हैं. उनके विचारों को पढ़ने से युवाओं के अंदर कुछ हासिल करने की उम्मीद पैदा होती है. क्योकि आज के समय में बहुत से युवा नशाखोरी के आदि होते जा रहे है, इसलिए उनके विचारों को हर स्कूल की दीवारों पर लिखा जाता है, ताकि उनको पढ़कर बच्चे अपने जीवन का लक्ष्य तय कर सकें. इतना ही नहीं हर स्कूल और कॉलेजों में उनकी तस्वीरें भी लगाई जाती है ताकि नई पीढ़ी को पता चल सके कि आखिरी कौन थे ये महान व्यक्ति, जिन्होंने दुनिया में भारत की एक अलग पहचान कायम की थी.

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