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एडवाइज़री कंपनी ने एक शख्स से की लाखों की ठगी - Zoid Research

शेयर मार्केट में पैसे लगाने पर मुनाफा होता है, यह तो सभी जानते हैं और आजकल एडवाइज़री कंपनी भी अपने निवेशकों को ज़रूरी जानकारी और टिप्स देकर हरसंभव मदद करती है, लेकिन कई लोग इसी बात का फायदा उठाकर लोगों से ठगी भी करते हैं। ऐसी ही एक और वारदात हाल ही में घटित हुई है। शेयर मार्केट में पैसे लगवाकर दोगुना करवाने वाली एक एडवाइज़री कंपनी के खिलाफ कल एक और मामला दर्ज किया गया है।


कंपनी की वेबसाइट http://www.zoidresearch.com/ है
और ZOID RESEARCH के नाम से रजिस्टर्ड है  

रायपुर के काटना गांव के निवासी शीतलकुमार महिलांग से इंदौर की एक एडवाइज़री कंपनी ज्वाइंड रिसर्च विजयनगर ने संपर्क किया। महिलांग से फोन पर कहा गया कि हमारी कंपनी शेयर मार्केट में पैसा लगाने के बारे में सलाह देती है और आपको इसक बारे में ज़रूरी टिप्स देती है। इतना ही नहीं कंपनी आपके पैसों को दोगुना करके देगी। इस महिलांग ने कहा कि कंपनी की बातों में आकर उन्होंने कंपनी में पहले 10 हजार रुपए लगाए, जिसे कंपनी ने दोगुना कर दिया। फायदा होते देख महिलांग को लालच आ गया। इस पर महिलांग ने अपने डीमैट खाते में 3 लाख रुपए जमा कराए।
महिलांग ने बताया कि कंपनी से फ़ोन आया और उनसे कहा गया कि आप ऑनलाइन इतना बड़ा ट्रांजैक्शन नहीं कर पाएंगे इसलिए आप अपना एटीएम नंबर दे दीजिए। नंबर लेकर पैसे निकाल लिए गए, जिसका पता महिलांग को तब चला, जब बैंक से मैसेज मिला। इस पर महिलांग ने कंपनी में फ़ोन लगाया तो कंपनी की तरफ से जवाब मिला कि आपके द्वारा लगाए गए 3 लाख रुपए के 9 लाख रुपए हो गए हैं। फिर कंपनी ने महिलांग से अलग-अलग प्लान के नाम पर पैसा लगाने को कहा। महिलांग ने बताया कि इस तरह कंपनी ने महिलांग से लगभग 12 लाख रुपए की ठगी की।
जब महिलांग ने कंपनी में कॉल कर अपना पैसा वापस करने को कहा तो कर्मचारी ने कहा कि सेबी और विजयनगर पुलिस से कंपनी की अच्छी सांठ-गांठ है और हम पैसा वापस नहीं करेंगे और यदि तुम इंदौर आए तो जान से मार देंगे। हमारे कंपनी के मालिक तबरेज खान के ऊपर तक काफी गहरे ताल्लुक हैं। महिलांग ने बताया कि जब मैं ढूंढते हुए इनके ऑफिस पहुंचा तो मंगल सिटी स्थित ऑफिस में रवींद्र यादव नाम का कर्मचारी मिला। उसने मेरे साथ हाथापाई की।
यादव ने महिलांग को धमकाते हुए कहा कि कंपनी के खाते में आतंकी संगठन सिमी का पैसा भी आया था, जिस पर पुलिस ने पकड़ लिया था, लेकिन कुछ न कर सकी। मात्र 20 दिन की सज़ा के बाद छोड़ दिया गया और दिल्ली पुलिस भी पकड़ चुकी है। इसके बाद महिलांग ने डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्रा से इसकी शिकायत की, जिस पर उसे फिर से धमकी मिली और शिकायत वापस लेने को कहा गया। महिलांग ने बताया कि मैं कुछ दिन पहले जनसुनवाई में जा रहा था,पर तभी ये लोग मुझे पैसे वापस करने का कहकर रास्ते से ही अपने ऑफिस ले गए और ऑफिस पहुंचने पर मारपीट की।
महिलांग ने पुलिस पर आरोप लगते हुए कहा कि विजयनगर पुलिस कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट नहीं लिख रही थी तब मुझे डीआईजी के पास जाना पड़ा। डीआईजी मिश्रा की फटकार के बाद विजयनगर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया और खान को अरेस्ट किया।

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